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विधानसभा चुनाव 2018-जीत के लिए उठता हाथ

कर्नाटकमेंविधानसभाचुनावकेनतीजोंकेऐलानकेमहजपांचदिनबाद,मईकी17तारीखकोकांग्रेसअध्यक्षराहुलगांधीछत्तीसगढ़पहुंचगएथे.वहउनपांचराज्योंमेंसेएकहैजिनमेंइनसर्दियोंमेंविधानसभाकेचुनावहोनेहैं.अगले36घंटोंमेंउन्होंनेराज्यमें800किलोमीटरकीयात्राकरडालीजिसदौरानउन्होंनेसार्वजनिकरैलियोंकोसंबोधितकियाऔरपार्टीकार्यकर्ताओंसेमुलाकातकी.यहनेहरू-गांधीपरिवारकेवंशजकेस्वभावसेथोड़ाउलटथा.

उनकेपिछलेरिकॉर्डकोध्यानमेंरखेंतोयहउम्मीदलगाईजारहीथीकिवेकर्नाटकमेंबेहदथकाऊचुनाव-प्रचारअभियानऔरनतीजोंतथासरकारकेगठनकीगहमागहमीकेबादथोड़ाब्रेकलेंगे.लेकिनयहनएराहुलहैं.

मईकेबादसेवेकांग्रेसकेअभियानकोमजबूतीदेनेकेलिएछत्तीसगढ़तीनबार,मध्यप्रदेशछहबारऔरराजस्थानतीनबारजाचुकेहैं.गुजरातवकर्नाटककेचुनावोंमेंहासिलआंशिकसफलताओंकेबादकांग्रेसअध्यक्षकीयोजनाअगलेतीनराज्यों—राजस्थान,मध्यप्रदेशऔरछत्तीसगढ़मेंनिर्णायकप्रहारकरनेकीहै.

हिंदीपट्टीकेइनतीनराज्योंमेंअगरकांग्रेसको2019केलोकसभाचुनावोंसेकुछहीमहीनोंपहलेअगरजीतमिलजातीहैतोउसेदेशभरमेंभगवालहरसेमुकाबलाकरनेकेलिएबेहदजरूरीताकतमिलेगी.

इनतीनोंराज्योंऔरतेलंगानावमिजोरममेंकुलमिलाकरलोकसभाकी83सीटेंहैं.कांग्रेसने2014केपिछलेचुनावोंमेंइनमेंसेसिर्फपांचजीतीथीं.राहुलकेलिएआगेकारास्तासीधाहै—दिल्लीकेलिएसफरकीशुरुआतइनराज्योंऔरखासतौरपरजयपुरवभोपालमेंकांग्रेसकीसरकारोंसेहोनीचाहिए.उनकीराहमेंसबसेबड़ाअड़ंगाहैं—प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदी.

कमजोरनसपरप्रहार

जूनकेमध्यमेंचुनाव-बादकेविश्लेषणमेंकांग्रेसकेकईवरिष्ठनेताओंनेइसबातपरजोरदियाथाकिगुजरातवकर्नाटक,दोनोंराज्योंमेंभाजपाऐनमौकेपरमोदीकेआक्रामकआखिरीप्रचारकीवजहसेआगेनिकलगई.लिहाजाकांग्रेसकेलिएपहलाकामथाःमोदीकीइसबेदागछविकामिथकतोडऩा.राहुलवैसेभीइसतरहकेहमलेकीरणनीतिकेलिएनएनहींहैं.

साल2016मेंउन्होंने"सूट-बूटकीसरकार''कातानातैयारकरकेमोदीकेइर्द-गिर्दकिसान-विरोधीहोनेकाखाकाबुनदियाथा.इसकेचलतेप्रधानमंत्रीकोकईनीतिगतबदलावकरनेकेलिएमजबूरहोनापड़ाथा.इसबारतोराहुलकेहाथमेंकईहथियारहैं—राफेलसेलेकरनीरवमोदीवविजयमाल्यातक,जीएसटीसेलेकरनोटबंदीतक,बेरोजगारीसेलेकरकृषिसंकटतक,गोरक्षाकेनामपरहोरहीहत्याओंसेलेकरदलितोंकेखिलाफअत्याचारतक.राहुलकेएकनजदीकीव्यक्तिकाकहनाथा,"आखिरमेंदो-चाररैलियोंसेइसबारफर्कनहींपड़ेगा.

मोदीकेलिएइनसारेआरोपोंकोझेलपानाआसाननहींहोगा.इनराज्योंमेंखासातगड़ासरकार-विरोधीमाहौलहैऔरमोदीअपनेसारेवादेपहलेहीखर्चकरचुकेहैं.''

अर्थव्यवस्थाकेसंकटऔरसीबीआइकीउथल-पुथलकेमामलेकेचलतेकांग्रेसकेहाथकोजीतकासाथमिलजानाचाहिए.लेकिनअफसोसकीबातयहभीहैकिकांग्रेसकेभीतरहीकईलोगइसकहानीकोपलटनेकीकोशिशमेंलगेहैं.

मध्यप्रदेशमेंपार्टीतीनबड़ेखेमोंमेंबंटीहुईहै—प्रदेशअध्यक्षकमलनाथ,प्रचारअभियानसमितिकेअध्यक्षज्योतिरादित्यसिंधियाऔरसमन्वयसमितिकेप्रमुखदिग्विजयसिंह.

तीनोंहीनेताओंकादावाहैकिपार्टीमेंपूरीतरहसेएकाहै,लेकिन(यदिकांग्रेसजीततीहैतो)नाथवसिंधिया-दोनोंहीमुख्यमंत्रीकीकुर्सीपरनिगाहेंगड़ाएहुएहैं.यहांभीपार्टीअध्यक्षखुदहीडेमेज-कंट्रोलकेकाममेंलगेहैंऔरतमामआहतअहंकारोंकोठंडारखकरएकजुटरहनेकीअपीलकररहेहैं.

राजस्थानमेंराहुलनेमार्चमेंहीइसबातकोसाफकरदियाथाकिवहकिसकीतरफहैं,जबउन्होंनेअशोकगहलोतकोअखिलभारतीयकांग्रेससमितिकामहासचिवनियुक्तकरकेसंगठनवप्रशिक्षणकाप्रभारीबनादियाथा.संदेशसाफथाकिराजस्थानकाजिम्मासचिनपायलटकेपासरहेगा.हालांकिराज्यमेंराहुलकेलिएअसलीचुनौतीचुनावोंकेबादसामनेआएगी.

एककांग्रेसमहासचिवकाकहनाथाकि"इससमयगहलोतशांतबैठेहैं.वहअपनेपत्तेचुनावोंकेबादखोलेंगे.यदित्रिशंकुविधानसभाचुनकरआईतोउनकीसंभावनाएंपायलटकीतुलनामेंबेहतरहोंगी.''इसनेताकायहभीकहनाथाकिमध्यप्रदेशमेंपार्टीकार्यकर्ताओंवलोगोंकीपहलीपसंदसिंधियाहैंजबकिराजस्थानमेंभीगहलोतहीपायलटसेज्यादालोकप्रियहैं.

कांग्रेसकीरणनीतिकोपहलेहीएकझटकामायावतीकीबहुजनसमाजपार्टीसेबातनहींबनपानेकेकारणलगचुकाहै.हालांकिपार्टीकेआंकड़ेबाजइसबातसेखुशहीहैंक्योंकिउनकोयकीनहैकिमायावतीकोमिलनेवालासमर्थनभाजपाकेहीवोटकाटेगा,कांग्रेसकेनहीं.मध्यप्रदेशमेंकांग्रेसकेएकवरिष्ठनेताकाकहनाथा,"बसपाको163सीटोंपर10,000सेभीकमवोटमिले,फिरभीवह50सीटेंमांगरहीथी.

मायावतीकाप्रभाव25सेभीकमसीटोंपरहै.''बसपाने2013मेंकेवलचारसीटेंजीतीथीं,लेकिनवह21सीटोंपरदूसरेस्थानपररहीथी.जाहिरहैकिकिसीनजदीकीमुकाबलेमेंवहकांग्रेसकोचोटपहुंचासकतीहै.छत्तीसगढ़मेंउसेकेवलएकसीटमिलीथीलेकिन20सेज्यादासीटोंपरउसकेवोटोंकीनिर्णायकभूमिकाजरूररही.

तेलंगानामेंकांग्रेसकमभूमिकानिभानेकोतैयारहैऔरराज्यकेप्रभारीआर.सी.खुंटियाकोकहदियागयाहैकिवेतेलुगूदेशमपार्टीकेसाथगठबंधनकीसंभावनाकीतलाशकरें.मिजोरममेंकांग्रेसदोबारमुख्यमंत्रीरहचुकेललथनहवलाकीसमझपरभरोसाकरकेचलरहीहै.

इसपूर्वोत्तरराज्यमेंमुकाबलाकांग्रेसऔरएनडीएकेघटकमिजोनेशनलफ्रंट(एमएनएफ)केबीचरहनेवालाहै,लेकिनइसबारफिरमुख्यभूमिकाहिमंताबिस्वसरमाकीहीरहेगीजोपूर्वोत्तरकेचारराज्योंमेंभाजपाकीसरकारलानेमेंमुख्यखिलाड़ीरहेहैं.

कांग्रेसखासीसतर्कहोकरचलरहीहैऔरउम्मीदवारोंकीजीतनेकीसंभावनाकोचयनकेलिएमुख्यमानकबनायागयाहै.हरबारीकबातपरदियाजारहाध्यानसाफदिखाईदेरहाहै.

कांग्रेसअध्यक्षऔरजमीनीस्तरकेकार्यकर्ताओंकेबीचदोहरेसंपर्ककोसक्षमबनानेवालेएप्लीकेशन—शक्तिएप्पकेजरियेराहुलऔरउनकीटीमछांटेगएउम्मीदवारोंकेबारेमेंफीडबैकलेरहीहै.शक्तिकेफीडबैकनेदरअसलकईबड़ेफैसलेलेनेमेंअहमभूमिकानिभाईहै.

इनमेंमायावतीकीमांगोंपरनझुकनेसेलेकरछत्तीसगढ़मेंअजीतजोगीकेलिएदरवाजेबंदकरनेतककेफैसलेशामिलहैं.शक्तिकेअलावापार्टीनेसहीउम्मीदवारचुननेकेलिएस्वतंत्रसर्वेभीकिएहैं.

कांग्रेसकीरणनीतिपरएंटनीसमितिकीअबतकअप्रकाशितरिपोर्टकाभीखासाअसरहै.इससमितिकागठन2014केलोकसभाचुनावोंमेंपार्टीकीहारकेबादकियागयाथा.सूत्रोंकेअनुसार,रिपोर्टमेंकहागयाथाकिकांग्रेसकोअपनीअल्पसंख्यकसमर्थकवहिंदू-विरोधीछविसेमुक्तिपानेकीजरूरतहै.शिव-भक्तराहुलकाउभार,उनकीमंदिर-मंदिरपूजाऔरमानसरोवरयात्रा—सबहिंदुत्वकीधारणापरभारतीयजनतापार्टीकीपकड़कोढीलाकरनेकीहीएकरणनीतिकाहिस्साहै.

जीतकेलिएकांग्रेसअध्यक्षनेऔरभीकईतब्दीलियांकीहैं.वेआमलोगोंसेज्यादासंवादकरनेलगेहैंऔरसोशलमीडियापरभीवेअक्सरहिंदीमेंऔरतुकबंदीमेंट्वीटकरनेलगेहैं.

उनकेऔरमोदीकेबीचकेअंतरकोस्पष्टकरनेकीवेसचेतनकोशिशकररहेहैं.पिछलेदोमहीनोंमेंवेतीनबारअचानकप्रेसकॉन्फ्रेंसकरचुकेहैंऔरइससेवहयहबिंदुसामनेरखनाचाहतेहैंकिवेपत्रकारोंकेसवालोंकासामनाकरनेकेलिएतैयारहैं—प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीकेविपरीत—जिन्होंनेपिछलेचारसालकेदौरानएकभीप्रेसकॉन्फ्रेंसआयोजितनहींकीहै.

फिलहाल,कांग्रेसनेताखुशहैंकिउन्होंनेभाजपाअध्यक्षअमितशाहकोमध्यप्रदेशवराजस्थानमेंएककाल्पनिकशत्रुकाआविष्कारकरनेकेलिएमजबूरकरदियाहै—अवैधमुसलमानप्रवासी.कांग्रेसकार्यसमितिकेएकसदस्यकाकहनाथा,"प्रवासियोंकोमुसलमानकेरूपमेंपेशकरकेशाह10फीसदीसेभीकममुसलमानआबादीवालेराज्योंमेंहिंदूकार्डकाइस्तेमालकररहेहैं.इससेसाफहोताहैकिवहबेचैनहोरहेहैं.''

बहरहाल,कांग्रेसऔरराहुलगांधीकीभाजपाऔरनरेंद्रमोदीपरआक्रामकहोनेकीरणनीतिकाअसलीफायदातबमिलेगाजबसंगठनजमीनपरइसेवोटोंमेंतब्दीलकरेगा.इसकेलिएकांग्रेसकोसमर्पितकार्यकर्ताओंकीजरूरतहै.चुनावीराज्योंमेंकांग्रेसियोंकेउत्साहकोदेखतेहुएलगताहैकिइसबारपहलेजैसामाहौलनहींहै.कार्यकर्ताओंमेंजोशहैजोपार्टीकीकिस्मतबदलदेनेकामाद्दारखतेफिलहालदिखाईदेरहेहैं.ठ्ठ

कांग्रेसनेताखुशहैंकिउन्होंनेअमितशाहकोकाल्पनिकशत्रुकाआविष्कारकरनेकेलिएमजबूरकरदिया