• Home
  • न्यायालय ने राफेल मामले में लीक दस्तावेजों के इस्तेमाल की अनुमति दी, केंद्र की आपत्ति खारिज

न्यायालय ने राफेल मामले में लीक दस्तावेजों के इस्तेमाल की अनुमति दी, केंद्र की आपत्ति खारिज

नयीदिल्ली,10अप्रैल(भाषा)केंद्रकोझटकादेतेहुएउच्चतमन्यायालयनेबुधवारकोराफेलमामलेमेंअपनेफैसलेपरपुनर्विचारकेलियेलीकदस्तावेजोंकोआधारबनानेकीअनुमतिदेदीऔरउनदस्तावेजोंपर‘विशेषाधिकार’होनेकीकेंद्रकीप्रारंभिकआपत्तियोंकोखारिजकरदिया।केंद्रनेकहाथाकितीनविशेषाधिकारवालेदस्तावेजअनधिकृततरीकेसेरक्षामंत्रालयसेहासिलकियेगएऔरयाचिकाकर्ताओंनेशीर्षअदालतके14दिसंबर2018केफैसलेकेखिलाफअपनीपुनर्विचारयाचिकाओंकेसमर्थनमेंइनकाइस्तेमालकिया।न्यायालयनेअपनेउसफैसलेमेंफ्रांससे36राफेलविमानोंकीखरीदकोचुनौतीदेनेवालीसभीयाचिकाओंकोखारिजकरदियाथा।तीनन्यायाधीशोंकीपीठनेदोअलग-अलगलेकिनसर्वसम्मतिवालेफैसलेदिये,जिसमेंकेंद्रकीआपत्तियोंकोखारिजकरदियाकिवेदस्तावेजभारतीयसाक्ष्यअधिनियमकीधारा123केतहतस्वीकारकरनेयोग्यनहींहैंऔरकोईभीसंबंधितविभागकीअनुमतिकेबिनाउन्हेंअदालतमेंपेशनहींकरसकता,क्योंकिवेसरकारीगोपनीयताकानूनकेतहतसंरक्षितहैं।केंद्रप्रधानन्यायाधीशरंजनगोगोई,न्यायमूर्तिएसकेकौलऔरन्यायमूर्तिकेएमजोसफकीपीठकोयहभीसमझानेमेंविफलरहाकिउनदस्तावेजोंकोसूचनाकाअधिकारकानूनकीधारा(8)(1)केतहतखुलासेसेछूटहासिलहैऔरजिनलोगोंनेदस्तावेजोंकीफोटोकॉपीकरानेकीसाजिशरची,उन्होंनेचोरीकीऔरराष्ट्रीयसुरक्षाकोखतरेमेंडाला।सीजेआईनेअपनीतरफसेऔरन्यायमूर्तिकौलकीतरफसेफैसलालिखा।उन्होंनेकहाकितीनदस्तावेजसार्वजनिकपटलपरहैंऔरउसेसमाचारपत्र‘दहिंदू’ने‘संविधानप्रदत्तअभिव्यक्तिकीस्वतंत्रताकेअनुरूप’प्रकाशितकिया।सीजेआईनेकहा,‘‘हमपुनर्विचारयाचिकाओंकीविचारणीयतापरसवालउठानेवालीकेंद्रकीप्रारंभिकआपत्तियोंकोखारिजकरनाउचितसमझतेहैंऔरकहतेहैंकिपुनर्विचारयाचिकाओंपरन्यायिकफैसलाकरनेकीप्रक्रियाकेदौराननिर्णयतीनोंदस्तावेजोंकीसामग्रीकीप्रासंगिकतापरगौरकरतेहुएउनकेगुण-दोषकेआधारपरकियाजाएगा,जिनकीस्वीकार्यतापरपुनर्विचारयाचिकाओंमेंप्रतिवादियोंनेसवालउठायाहै।’’सीजेआईने18पन्नोंकाफैसलालिखा।उन्होंनेकहाकिपूर्वकेंद्रीयकेंद्रीयमंत्रियोंयशवंतसिन्हाऔरअरुणशौरीतथाअधिवक्ताप्रशांतभूषणद्वाराअपनीयाचिकामेंइस्तेमालकियेगएदस्तावेजफरवरीमें‘दहिंदू’मेंप्रकाशितहुएथेऔरएकदस्तावेज‘दवायर’नेभीप्रकाशितकियाथा।उन्होंनेकहा,‘‘तीनोंदस्तावेजदहिंदूमेंप्रकाशितकियेगएथेऔरसार्वजनिकपटलपरउपलब्धहैं,इसतथ्यपरप्रतिवादियोंनेगंभीरआपत्तिनहींजताईहैऔरनहीउसेचुनौतीदीहै।’’न्यायमूर्तिगोगोईनेकहा,‘‘कोईभीसवालनहींउठायागयाहैऔरहमारीसोची-समझीरायमें‘दहिंदू’अखबारनेदस्तावेजोंकेप्रकाशनकेसंबंधमेंबहुतसहीकिया।इसतरहकेप्रकाशनकाअधिकारसंविधानप्रदत्तअभिव्यक्तिकीस्वतंत्रताकेअधिकारकेअनुरूपहै।’’एकअन्ययाचिकाकर्ताविनीतढांढाकीओरसेउपस्थितवरिष्ठअधिवक्ताविकाससिंहनेकहाकिआजकेफैसलेनेसाफकरदियाहैकिपुनर्विचारयाचिकाओंपरसुनवाईकेदौरानपीठविमानोंकीकीमतऔरराफेलकानिर्माणकरनेवालीकंपनीदसॉल्टकेभारतीयऑफसेटपार्टनरकेचयनसमेतविभिन्नमुद्दोंपरगौरकरेगी।दोनोंन्यायाधीशोंनेयहभीगौरकियाकिसंविधानकेअनुच्छेद19(2)मेंउल्लिखितआधारोंपरऐसेदस्तावेजोंकेप्रकाशनपररोकलगानेयाप्रतिबंधलगानेकेसंबंधमेंसंसदद्वाराबनायेगयेकिसीभीकानूनकोउसकेसंज्ञानमेंनहींलायागयाहै।न्यायाधीशोंनेकहा,‘‘वास्तवमें,'दहिंदू'अखबारमेंउक्तदस्तावेजोंकाप्रकाशनअदालतकोप्रेसकीस्वतंत्रताकोबरकराररखनेवालेन्यायालयकेफैसलोंकीलंबीफेहरिस्तकीयाददिलाताहै।’’शीर्षअदालतनेकहाकिसरकारीगोपनीयताकानूनमेंकोईप्रावधाननहींहैऔरकिसीभीअन्यक़ानूनमेंऐसाकोईप्रावधानइसकेसंज्ञानमेंनहींलायागयाहैजिसकेद्वारासंसदनेगुप्तरूपसेचिह्नितदस्तावेजोंकेप्रकाशनकोप्रतिबंधितकरनेकेलिएकार्यपालिकाकोकोईशक्तिदीहै।याचिकाकर्ताओंनेजिनदस्तावेजोंकोआधारबनायाउनकेप्रकाशनपरसंरक्षणहासिलहोनेकीदलीलोंकोखारिजकरतेहुएन्यायालयनेकहा,"जहांतकविशेषाधिकारकेदावेकासवालहैतोभारतीयसाक्ष्यअधिनियम,1872कीधारा123अप्रकाशितसार्वजनिकरिकॉर्डसेसंबंधितहैऔरजैसाकिगौरकियागयाहैकिदस्तावेजपहलेही'दहिंदू'अखबारकेविभिन्नसंस्करणोंमेंप्रकाशितहोचुकेहैं।’’धारा123केतहतखुलासेसेबचावकेदावेकीपरखअनिवार्यरूपसेजनहितकीकसौटीपरकीजानीचाहिये।न्यायालयनेकहाकिखुलासेकेजरियेजनहितजोखिममेंनहींपड़ेइसकेलियेखुदकोसंतुष्टकरनेकेलियेअदालतसवालोंकेघेरेमेंआएदस्तावेजोंकानिरीक्षणभीकरसकतीहै।हालांकि,इसशक्तिकाइस्तेमालसंयमिततरीकेसेकियाजानाचाहिये।उन्होंनेकहाकिबचावकादावाटिकनेलायकनहींहै।आरटीआईअधिनियमपर,न्यायालयनेकहाकिजबदस्तावेजपहलेसेहीसार्वजनिकपटलपरहैतो,"हमनहींदेखतेहैंकिअधिनियमकीधारा8(1)(ए)केतहतसंरक्षणसेजनहितकीपूर्तिहोगी।’’अटॉर्नीजनरलकेकेवेणुगोपालकीदलीलोंपरविचारकरतेहुएशीर्षअदालतनेअपनेपूर्वकेफैसलोंकाउल्लेखकिया।वेणुगोपालनेजिसतरीकेसेयाचिकाकर्ताओंनेदस्तावेजहासिलकियेथेउसकेतरीकेपरसवालउठायाथा।न्यायालयनेकहाकिएकरायअपनाईगईकि‘साक्ष्यकीस्वीकार्यताकापरीक्षणउसकीप्रासंगिकतामेंनिहितहैजबतककिसंविधानयाअन्यकानूनमेंकोईव्यक्तयानिहितनिषेधनहो,अवैधतलाशयाजब्तीसेहासिलसाक्ष्यदरकिनारकियेजानेयोग्यनहींहै।’’न्यायमूर्तिजोसफनेसीजेआईकेसाथसहमतिव्यक्तकरनेकेलिएअलगकारणदिए।उन्होंनेकहा:"दस्तावेजोंकीसामग्रीकेसहीहोनेपरसवालनहींउठायागयाहै।उन्होंनेकहा,"अंतमें,मामलासख्तीसेविशेषाधिकारकेदावेकोलेकरनहींहैक्योंकियाचिकाकर्ताओंनेप्रतिवादियोंकोमूलसामग्रीपेशकरनेकेलिएनहींकहाहैऔर...सरकारनेदस्तावेजोंकीसामग्रीकेसहीहोनेपरआपत्तिनहींजताईहै।"न्यायालयनेकहाकिवहपुनर्विचारयाचिकाओंपरसुनवाईकेलियेतारीखतयकरेगा।पुनर्विचारयाचिकादायरकरनेवालोंमेंशामिलपूर्वकेंद्रीयमंत्रीअरुणशौरीनेकहाकिवहसर्वसम्मतिवालेफैसलेसेखुशहैं।शौरीनेकहा,‘‘हमदस्तावेजोंकीस्वीकार्यतापरकेंद्रसरकारकीखासदलीलोंकोखारिजकरनेकेसर्वसम्मतिवालेफैसलेसेखुशहैं।केंद्रकीदलीलकामतलबथाकिरक्षासौदेमेंकुछभीगड़बड़ीनहींकीजासकतीहै।’’दोअन्ययाचिकाकर्ताओंमेंपूर्वकेंद्रीयमंत्रीयशवंतसिन्हाऔरअधिवक्ताप्रशांतभूषणशामिलहैं।शीर्षअदालतनेगत14मार्चकोसिन्हा,शौरीऔरभूषणद्वाराअपनीपुनर्विचारयाचिकामेंसंलग्नकियेगएविशेषाधिकारवालेदस्तावेजोंकीस्वीकार्यतापरकेंद्रद्वाराउठाईगईप्रारंभिकआपत्तियोंपरसुनवाईपूरीकीथी।गौरतलबहैकिप्रधानन्यायाधीशरंजनगोगोईकीअध्यक्षतावालीतीनन्यायाधीशोंकीपीठनेफ्रांससे36राफेललड़ाकूविमानोंकीखरीदकेखिलाफदायरसभीजनहितयाचिकाओंकोगत14दिसंबरकोखारिजकरदियाथा।न्यायालयनेकहाथाकिनिर्णयकीप्रक्रियापरवाकईसंदेहकरनेकाकोईअवसरनहींआया,जिससेअनुबंधकोरद्दकरदियाजाए।राफेलदोहरेइंजनवालामीडियममल्टीरोललड़ाकूविमान(एमएमआरसीए)है,जिसकानिर्माणफ्रांसीसीएयरोस्पेसकंपनीदसॉल्टएविएशनकरतीहै।