• Home
  • नाम बदला, नहीं बदली किस्मत

नाम बदला, नहीं बदली किस्मत

जागरणसंवाददाता,फीरोजाबाद:पीड़ितमहिलाओंकीउम्मीदोंकाकेंद्रसखीवनस्टापसेंटरकोखुदअपनीकिस्मतबदलनेकाइंतजारहै।सेंटरपरनतोरेस्क्यूवैनहैनहीस्थाईकर्मचारियोंकीतैनाती।सेंटरकेनामपरसिर्फएककमराहै।किसीपीड़िताकीरेस्क्यूकरनेकीजरूरतपरकर्मचारियोंकोअपनेवाहनसेमौकेपरजानापड़ताहै।आशाज्योतिकेंद्रकानामतोबदलगया,लेकिनकिस्मतनहींबदली।

घरेलूहिसाऔरदुष्कर्मसमेतअन्यसमस्याओंसेपीड़ितमहिलाओंकोन्यायदिलानेकेलिएछहसालपहलेतत्कालीनप्रदेशसरकारनेआशाज्योतिकेंद्रकीस्थापनाकीथी।दोसालपहलेइसकेंद्रकानामसखीवनस्टापसेंटरसरकारनेकरदिया,लेकिनसहूलियतेंनहींबढ़ाई।पीड़ितमहिलाओंकीरेस्क्यूकरनेकेलिएपहलेकेंद्रकेपासवैनथा,अबयहसुविधानहींहै।स्थाईकर्मचारियोंकीतैनातीनहींहोनेसेमहिलाकल्याणविभागकेकर्मचारीयहांकीजिम्मेदारीसंभालरहेहैं।

किसीपीड़िताकेबारेमेंसूचनापररेस्क्यूवैननहींहोनेकीवजहसेकर्मचारीअपनेवाहनसेमौकेपरपहुंचतेहैं।कईबार108नंबरएंबुलेंसकीसेवाभीलीगई।इसकेंद्रकीनोडलअफसरजिलासमाजकल्याणअधिकारीप्रज्ञाशंकरतिवारीनेबतायाकिरेस्क्यूवैनकीव्यवस्थाकरानेकाप्रयासकियाजारहाहै।केंद्रकीस्थाईबिल्डिगकानिर्माणकरायाजाएगा।-समस्याबतानेमेंझिझकतीहैंपीड़िता-

वनस्टापसेंटरपहलेमेडिकलकालेजअस्पतालपरिसरमेंथा।कुछमाहपहलेउसेसीएमओकार्यालयकेपासशिफ्टकरदियागया।यहांभीएकहीकमरेमेंसंचालितहै।एकहीकमरेमेंकर्मचारीकामकाजकरतेहैंऔरकाउंसिलिंगभीइसीकमरेमेंकीजातीहै।इसकारणकईबारपीड़िताअपनीसमस्याबतानेमेंझिझकतीहैं।