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Marital Rape: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा, वैवाहिक दुष्कर्म पर तुरंत जवाब नहीं दे सकते

नई दिल्ली. केंद्रसरकारनेसोमवारकोदिल्लीउच्चन्यायालय(DelhiHighCourt)मेंकहाकिवैवाहिकदुष्कर्म(MaritalRape)कोअपराधबनानेमें‘‘परिवारकेमामले’’केसाथ-साथमहिलाकेसम्मानकाभीमुद्दाजुड़ाहुआहै.केंद्रनेइसकेसाथहीअदालतसेकहाकिउसकेलिएइसमुद्देपरतत्कालअपनारुखबतानासंभवनहींहै.केंद्रकीओरसेपेशसॉलिसीटरजनरलतुषारमेहता(TusharMehta)नेकहाकिवह‘‘नागरिकोंकेसाथअन्याय’’करेंगेअगरसरकार‘‘आधेमनसे’’मामलेपरपक्षरखेगी.

उन्होंनेअदालतसेअनुरोधकियाकिवहसभीहितधारकोंसेपरामर्शकरअपनारुखरखनेकेलिए‘‘तर्कसंगतसमय’’दें,खासतौरपरतबजबइसबीचकिसीकोबहुतखतरानहींहै.उन्होंनेअदालतसेकहा,‘‘आपकाआधिपत्यकेवलप्रावधानकीकानूनीयासंवैधानिकवैधताकाफैसलाकरनानहींहै.इसेसूक्ष्मदर्शीकोणसेनहींदेखाजानाचाहिए…यहांमहिलाकासम्मानदांवपरहै.यहांपरपरिवारकामुद्दाहै.कईऐसेविचारहोंगेजिनपरसरकारकोविमर्शकरनेहोंगेताकिआपकेलिएसहायकरुखतयकियाजासके.’’

जवाबदेनेकेलिएकेंद्रनेहाईकोर्टसेमांगासमय

उन्होंनेकहा,“केंद्रकेलिएतत्कालजवाबदेनासंभवनहींहोगा,खासतौरपरतबजबकिसीकोइसबीचकोईगंभीरखतरानहींहोनेवालाहै.मैंअपनाअनुरोधदोहराताहूंकिमुझेतर्कसंगतसमयचाहिए.”सॉलिसीटरजनरलनेकहाकिकेंद्रको‘बहुतसतर्क’रहनेकीजरूरतहै.उन्होंनेजोरदेकरकहाकियाचिकर्ताओंकेतर्कऔरउसीतरहकारुखअदालतद्वारानियुक्तन्यायमित्रद्वारालिएजानेकेबादकेंद्रसरकारकेलिएयह“उचितनहींहोगा”किवहअदालतको“इसमामलेपरवृहदरुख”केलिएनहींकहे.

कोर्टनेकहा,वहइसमामलेकोलटकाएनहींरखसकती

उन्होंनेकहा,“मैंनहींमानताकियहउचितहोगाकिकेंद्रसरकारआपश्रीमान(यूअरलॉर्डशिप)कोअन्यहितधारकोंकोआमंत्रितकरवृहदरुखअपनानेयासंपूर्णताकेआधारपरमामलेपरविचारकरनेकेलिएनहींकहे.”उल्लेखनीयहैकिन्यायमूर्तिराजीवशकधरकीअध्यक्षतावालीपीठउनयाचिकाओंपरसुनवाईकररहीहैजिनमेंदुष्कर्मकानूनसेविवाहकानूनकोअलगरखनेकोचुनौतीदीगईहै.पीठनेकहाकिवहइसमामलेकोलटकाएनहींरखसकतीहैऔरअदालतमामलेकीसुनवाईपूरीकरनाचाहेगी.

न्यायधीशनेकहा,‘‘मैंननहींकहरहाहूं.उन्हें(न्यायमित्र)जिरहकरनेदें।मैंआपको10दिनकासमयदूंगा,लेकिनउसकेबादमेरेलिएयहकहनामुश्किलहोगाकिहमसुनेंगे,हमसुनेंगे…10दिनमेंमेरेपासआएं.’’

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Tags:DELHIHIGHCOURT,MaritalRape