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लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी है दल बदलुओं के विरुद्ध समाज खड़ा हो : चावला

संवादसहयोगी,अमृतसर:पूर्वमंत्रीप्रो.लक्ष्मीकांताचावलानेकहाकिलोकतंत्रकीरक्षाकेलिएसमाजकोजागरूकहोनाहोगाऔरदलबदलूनेताओंकेविरुद्धफतवादेनाहोगा।उन्होंनेकहाकिजैसेहीदेशकेकिसीभीभागमेंचुनावोंकामौसमआताहै,वैसेहीबहुतसेराजनीतिककार्यकर्ता,अधिकतरनेताअपनाराजनीतिकस्वार्थदेखतेहएदलबदलनेकीतैयारीमेंरहतेहैं।कोईस्वयंमंत्रीपदचाहताहै,कोईअपनेबच्चोंकेलिएचुनावीटिकटमांगताहै,कोईकिसीपार्टीमेंउच्चपदचाहताहैऔरनामपिछड़ोंयागरीबोंकालेकरदलबदलतेहैं।हैरानीहैकिउन्हेंअपनीवर्तमानपार्टीमेंघुटनऔरपार्टीमेंबुराईतभीनजरआतीहैजबचुनावकामौसमआताहैऔरकिसीदूसरीपार्टीमेंजानेकेलिएभूमिकातैयारहोजातीहै।आजतकसंसदभीइसपरकोईकानूननहींबनासकी,क्योंकिहरपार्टीदलबदलुओंकास्वागतकरनेकेलिएअपनीजरूरतकेअनुसारतैयाररहतीहै।

उन्होंनेकहाकिचुनावआयोगभीऐसाकोईकानूनदेशकोनहींदेसकाजिसकेअनुसारदलबदलनेवालाअगलाचुनावकमसेकमदोवर्षतकनलड़सके।ऐसालगताहैकिनगरनिगमोंकेचुनावोंमेंतोदलबदलकानूनवैसेभीलागूनहींहोता।जिसकाबहुतज्यादानुकसानउनमतदाताओंकोहोरहाहैजिन्होंनेकिसीविशेषपार्टीकेलिएवोटदिए,परवोटलेनेवालाजीततेहीदूसरीपार्टीमेंचलाजाताहै।

उन्होंनेकहाकिआजकीजरूरतयहहैकिपूरेदेशकीजागरूकजनताइनदलबदलुओंकेविरुद्धएकमतसेखड़ाहोजाए।दलबदलुओंकेविरुद्धजनमानसमेंइतनीनफरतपैदाहोनीचाहिएकिदलबदलूशब्दहीगालीबनजाएऔरकोईभीव्यक्तिउसेवोटनदेजोस्वार्थोंकेकारणदलबदलताहै।यादरखनाहोगायेदलबदलूजनताकेवफादारहीनहींतोफिरदेशऔरसमाजकेवफादारकैसेहोसकतेहैं।