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कागजों में उलझा जननी सुरक्षा का धन

अंबेडकरनगर:स्वास्थ्यविभागकेजननीसुरक्षायोजनामेंआधारवअन्यकागजातोंकीमांगकेचलतेप्रसूताओंकोलाभनहींमिलपारहाहै।विभागकेमुताबिककागजीकोरमकोपूराकरनेमेंप्रतिवर्षलगभगदोहजारसेअधिकप्रसूताओंकोलाभनहींदियापारहाहै।जननीसुरक्षायोजना(जेएसवाई)केतहतप्रसूताओंऔरआशाओंकोमिलनेवालीधनराशिउनतकनहींपहुंचपारही।कारणलाभार्थियोंकेबैंकखातेसेआधार¨लकनहोपानेतथाबैंकखाताकानहींनहोपानाभु्गतानकरनेमेंसबसेअधिकसमस्याआरहीहै।इनकारणोंसेदौड़ायाजाताहै।इसमेंअधिकांशलाभार्थीबेहदगरीबपरिवारसेहैंजिनकोआधारकेनामपरउनकाहीसमयसेनहींमिलपारहाहै।ऐसेमेंसवालउठनालाजिमीहैकिआखिरयोजनाकाधनकहांखपायाजारहा?।इसयोजनाकेतहत1400रुपयेग्रामीणतथाएकहजाररुपयेशहरीक्षेत्रकीप्रसूताओंकोदिएजानेकीव्यवस्थाहै।विभागीयआंकड़ेबतातेहैंकिवर्ष2017-18मेंजिलाचिकित्सालयमें328तथासीएमओकार्यालयसेसंचालितआठसामुदायिकतथादोप्राथमिकस्वास्थ्यकेंद्रोंपरकुल1257लाभार्थियोंकोभुगताननहींकियाजासका।वहींअप्रैलसे10मईतक54प्रसूताओंकाभुगताननहींहोसकाहै।इसप्रकारअभीतककुल1639प्रसूताओंकोजननीसुरक्षायोजनाकेतहतमिलनेवालाधनकाभुगताननहींहोपायाहै।इससंबंधमेंपीड़ितलाभार्थीनिशा,फूलकुमारी,गीता,¨मकीपांडेय,रेखादेवी,ललितादेवीसहितकईमहिलाओंनेइसकीलिखितशिकायतजिलाअस्पतालप्रशासनसेकीहै।जिलाकार्यक्रमप्रबंधकअजयकुमारनेबतायाकिजिनपात्रोंकानामवखातासंख्यासहीनहींपायाजारहाहैऐसेलोगोंकोलाभनहींदियाजारहाहै।क्योंकिखातोंमेंनिर्धारितधननहींजापाताहै।मुख्यचिकित्साधिकारीडॉ.श्रीेकृष्णगोपाल¨सहनेबतायाकिजननीसुरक्षाकाधनएकसप्ताहकेअंदरभेजनेकाप्रावधानहै,लेकिनसरकारकेनिर्देशोंमेंलाभार्थीअभीतकआधारकार्डनहींबनवासकेहैं।इससेखातोंमेंधनराशिनहींजारहीहै।बतायाकिजिनकाखातानहींमिलताहैउनकेबजटकोसुरक्षितकरइंतजारकियाजाताहै।जैसेहीखातेसेअधारजुड़जाताहैधनभेजदियाजाताहै।