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झोपड़ी में पढ़ने को विवश हैं बच्चे

किशनगंज।दिघलबैंकप्रखंडकेधनतोलापंचायतमेंसमेकितबालविकासपरियोजनाकेतहतसंचालितआंगनबाड़ीकेंद्रसंख्या50मेंपढ़नेवालेनौनिहालबच्चोंझोपड़ीमेंपढ़ाईकरनेकीविवशताहै।वहींअगरबारिशहोजाएतोबच्चोंसमेतकेंद्रकीसेविकावसहायिकाकोभीअपनासिरछुपानेकेलिएभाग-दौड़करकिसीपड़ोसकेघरजानापड़ताहै।यहकाफीचिताजनकस्थितिहै।केंद्रकीसेविकाविनीतादेवीबतातीहैंकिसरकारकेद्वाराभवननिर्माणकाप्रयासचारवर्षोंसेचलरहाहै।2015सेचलरहाभवननिर्माणकार्यअबतकपूर्णनहींहोपायाहै।अभीतकभवनकाछतढलाईभीनहींहोपायाहै।ऐसेमेंबिनाभवनकेपढ़ाईसहितअन्यजनकल्याणकारीयोजनाओंकोचलानेमेंकाफीकठिनाईहोतीहै।इसकीशिकायतहमलोगोंनेविभागीयअधिकारियोंवकार्यालयमेंभीकरचुकेहै।परंतुअबतकइसकाहलनहींनिकालाजासका।वहींपोषकक्षेत्रकेलोगोंकाकहनाहैकिविभागीयउदासीनताकीवजहसेभवननिर्माणनहींहोपायाहै।जिसकारणबच्चोंकोझोपड़ीमेंबैठकरपढ़ाईकरनेकीविवशताहै।ग्रामीणोंनेसंवेदकपरकानूनीकार्रवाईकरनेकीमांगकीहै।वहींइससंबंधमेंप्रखंडविकासपदाधिकारीपुरनसाहनेबतायाकियहयोजनातेरहवींवित्तआयोगपंचायतसमितिअंशकीहै।जिसकीपूर्णराशि748,000है।पूर्वकेअभिकर्तासहपंचायतसचिवकातबादलाहोजानेकेकारणयोजनाअधूरीरहगई।हालांकिभवननिर्माणकार्यजितनाकियागयाहै।उसकामास्टररॉलतैयारकियागयाहै।जिसेअबनएपंचायतसेवकसेजांचकरातेहुएयोजनाकोपूर्णकरदीजाएगी।

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