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दिल्ली को रास आते हैं बाहरी नेता, मनोज-केजरीवाल-शीला के बाद सिद्धू की चर्चा

दिल्लीकीसियासतकोशायदबाहरीनेताहीज्यादारासआतेहैं.कांग्रेसने21सालपहलेशीलादीक्षितकोउत्तरप्रदेशसेलाकरदिल्लीकीबागडोरदीथी.शीलाकेनिधनबाददिल्लीकांग्रेसप्रदेशअध्यक्षकोलेकरअटकलेंतेजहोगईहैं.मानाजारहाहैकिप्रदेशकांग्रेसकीगुटबाजीकोथामनेकेलिएबाहरसेभीनयाअध्यक्षलानेकाफैसलाहोसकताहै,इसकेलिएनवजोतसिंहसिद्धूकेनामकीचर्चातेजहै.

पंजाबकेमुख्यमंत्रीकैप्टनअमरिंदरसिंहऔरनवजोतसिंहसिद्धूकेबीचराजनीतिकवर्चस्वकीजंगकाफीबढ़गईहै.सिद्दूनेमंत्रीपदसेइस्तीफादेदियाहै,जिसेस्वीकारभीकरलियागयाहै.ऐसेमेंकांग्रेसकाशीर्षनेतृत्वसिद्धूकोपंजाबसेबाहरदिल्लीमेंराजनीतिकहाथआजमानेकामौकादेसकतीहै.इसतरहसेकांग्रेससिद्धूऔरकैप्टनअमरिंदरदोनोंकोसाधकररखनाचाहतीहै.

बतादेंकिमौजूदासमयमेंदिल्लीभाजपाकीकमानमनोजतिवारीकेपासहै.तिवारीमूलरूपसेबिहारसेआतेहैं.हालांकिउन्होंनेअपनीसियासीकर्मभूमिदिल्लीकोबनायाहै.मनोजतिवारीकेदौरमेंभाजपानेदिल्लीकीसभीसातोंलोकसभासीटेंजीतीहैं.इसकेअलावादिल्लीकेनगरनिगमकेचुनावमेंभीबीजेपीनेकाफीबेहतरप्रदर्शनकियाथा.तिवारीसेपहलेभीबीजेपीअध्यक्षरहेसतीशउपाध्यायभीमूलरूपसेदिल्लीकेनहींहैं.वोउत्तरप्रदेशकेआगरासेहैं.

मौजूदासमयमेंदिल्लीकीसत्तापरकाबिजआमआदमीपार्टीकेसंयोजकऔरमुख्यमंत्रीअरविंदकेजरीवालभीदिल्लीसेबाहरकेरहनेवालेहैं.केजरीवालमूलरूपसेहरियाणाकेहिसारकेरहनेवालेहैं.काफीसमयसेउत्तरप्रदेशकेगाजियाबादकेकौशांबीइलाकेमेंरहरहेथे.अन्नाआंदोलनअलगहोकरकेजरीवालनेआमआदमीपार्टीकागठनकिया.दिल्लीकोअपनीकर्मभूमिबनाया.

गौरतलबहैकिदिल्लीमेंपहलीबार1993मेंविधानसभाचुनावहुए,जिसमेंबीजेपीनेजीतहासिलकी.बीजेपीनेपांचसालमेंदिल्लीमेंतीनमुख्यमंत्रीबदले.इसमेंसाहबसिंहवर्माऔरमदनलालखुरानादिल्लीकेरहनेवालेथे.जबकि,सुषमास्वराजदिल्लीसेराजनीतिकरतीरहीहैं,जिन्हेंचुनावसेठीकपहलेबीजेपीनेदिल्लीकासीएमबनायाथा.

सुषमास्वराजसेमुकाबलाकरनेकेलिएकांग्रेसने1998मेंशीलादीक्षितकोप्रदेशअध्यक्षकीकमानसौंपीथी.जबकि,शीलादीक्षितउत्तरप्रदेशसेराजनीतिकररहीथी.वहकन्नौजसंसदीयसीटसेसांसदभीचुनीगईथी.शीलाकेनेतृत्वमेंकांग्रेस15सालतकदिल्लीकीसत्तापरकाबिजरही.2013केचुनावमेंकांग्रेसकोकरारीहारकासामनाकरनापड़ा.इसकेबादकांग्रेसनेअरविंदरसिंहलवलीऔरअजयमाकनकोपार्टीकीकमानदी,लेकिनदोनोंनेतापार्टीकीखोईहुईसियासीजमीनवापसनहींलासके.

यहीवजहरहीकिइसीसालजनवरीमेंकांग्रेसनेएकबारफिर78सालकीउम्रमेंशीलादीक्षितकोपार्टीकीकमानदीगईथी.लोकसभाचुनावमेंशीलानेअपनेअनुभवसेदिल्लीमेंपार्टीकोतीसरेसेदूसरेस्थानपरलाखड़ाकियाथा.शीलाकेनिधनकेबादकांग्रेसदिल्लीमेंशून्यकीहालतमेंहै.

पार्टीकेनएअध्यक्षकेतौरपरजिननामोंकीचर्चाहैउनमेंपूर्वसांसदवपूर्वअध्यक्षजयप्रकाशअग्रवालप्रमुखहैं.इसकेअलावापूर्वांचलनेताकेतौरपरविख्यातपूर्वसांसदमहाबलमिश्रा,पंजाबीकेतौरपरसुभाषचोपड़ाकानामभीचर्चामेंहै.हालांकिपार्टीकाएकवर्गपूर्वसांसदसंदीपदीक्षितकेपक्षमेंभीआवाजउठारहाहै,लेकिनकिसीनामपरसर्वस्वीकार्यतानहींबननेकेचलतेहीनवजोतसिंहसिद्धूकेनामपरमंथनशुरूहोगईहै.

कांग्रेसकोलगताहैकिदिल्लीविधानसभाचुनावमेंकमसमयरहजानेकेकारणसिद्धूपार्टीकोऊपरउठानेमेंमददगारहोसकतेहैं.दिल्लीमेंसिखसमुदायकाअच्छाखासावोटहै.करीब10से12विधानसभासीटोंपरनिर्णायकभूमिकामेंहै.ऐसेमेंकांग्रेससिद्धूकेजरिएसिखसमुदायकोसाधनेकादांवचलसकतीहै.