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भाजपा के लिये निर्णायक साबित हुआ 2019, लेकिन नई चुनौतियां भी लाया

नयीदिल्ली,31दिसंबर(भाषा)वर्ष2019कोभाजपाकीनिर्णायकउपलब्धियोंकेलिएयादकियाजाएगा,जबपार्टीनेलोकसभाचुनावमें303सीटेंजीतकरनकेवलकेंद्रमेंदोबारावापसीकी,बल्किमोदीसरकारनेदूसरेकार्यकालमेंभगवाएजेंडेपरनएसिरेसेजोड़करअपनेदशकोंपुरानेवैचारिकघोषणा-पत्रकोअमलीजामापहनाया।हालांकि,राज्योंमेंभाजपाकेलियेराहआसननहींरहीक्योंकिकांग्रेसकेसाथमिलकरक्षेत्रीयक्षपत्रमहाराष्ट्र,झारखंडजैसेराज्योंमेंउसेसत्तासेबेदखलकरनेमेंसफलरहे।दूसरीओरपार्टीकोसंशोधितनागरिकताकानूनऔरप्रस्तावितएनआरसीपरदेशव्यापीविरोधप्रदर्शनोंकेचलतेबचावकीमुद्रामेंभीआनापड़ा।इनमुद्दोंपरभारीविरोधप्रदर्शनकेकारणप्रधानमंत्रीनरेन्द्रमोदी,पार्टीअध्यक्षअमितशाहसहितशीर्षनेताओंकोसफाईदेनीपड़ी।हालांकि,अभीयहपूरीतरहस्पष्टनहींहैकिइनचुनौतियोंकेबीचपार्टीविचारधाराकेबेहदकरीबरहेइनमुद्दोंकोआगेकैसेबढ़ायेगी।हालांकि,पार्टीनेता2019कोउम्मीदसेबढ़करवर्षकेरूपमेंदेखसकतेहैं,जिसमेंजम्मूकश्मीरकोविशेषदर्जेसेसंबंधितअनुच्छेद370केअधिकतरप्रावधानसमाप्तकियेगये,तीनबारलगातारतलाककहकरसंबंधविच्छेदकरनेकोआपराधिकबनायागया,नागरिकतासंशोधनकानूनबनाऔरउच्चतमन्यायालयकेआदेशसेअयोध्यामेंराममंदिरकेनिर्माणकारास्तासाफहुआ।इससालअप्रैल-मईमेंहुएआमचुनावोंमेंभाजपाने543सदस्यीयलोकसभामें303सीटेंजीतकरराष्ट्रीयस्तरपरस्पष्टछापछोड़ी।हालांकि,राज्योंमेंसरकारकेहिसाबउसकाप्रभावक्षेत्र2017के71प्रतिशतसेघटकर35प्रतिशतरहगया।अगरसाल2019केसारपरविचारकरेंतो‘ब्रांडमोदी’कीअपीलएकबारफिरसेसिद्धहुईलेकिनइसकेसाथहीयहभीस्पष्टहुआकिअगरमतदाताओंकेलियेप्रधानमंत्रीऔरराष्ट्रीयमुद्देप्रमुखनहो,तोपार्टीकोगंभीरचुनौतियोंकासामनाकरनापड़ताहै।लोकसभाचुनावमेंभारीबहुमतकेसाथसत्तामेंआनेपरभाजपाऔरउसकेसहयोगीदलोंकेबीचभीरिश्तेसहजनहींरहे।महाराष्ट्रमेंभाजपाकीसबसेपुरानीसहयोगीशिवसेनाउससेअलगहोगई।शिवसेनानेविधानसभाचुनावकेबादराकांपाऔरकांग्रेसकेसाथसरकारबनाई।बिहारमेंउसकीसहयोगीजदयूकाकेंद्रसरकारकेमंत्रिमंडलमेंप्रतिनिधित्वनहींहै।साल2019मेंअमितशाहकाकदऔरबढ़ाजबउन्हेंगृहमंत्रीबनायागयाऔरउन्होंनेपार्टीकीविचारधारासेजुड़ेकईमहत्वपूर्णफैसलोंकोआगेबढ़ाया।इसमेंचाहेजम्मूकश्मीरकोविशेषदर्जेसेसंबंधितअनुच्छेद370केअधिकांशप्रावधानकोसमाप्तकरनेकामुद्दाहो,नागरिकतासंशोधनकानूनकाविषयहोयाआतंकवादनिरोधककानूनकोमजबूतबनानाहो।इनसभीमुद्दोंपरशाहनेसरकारकेएजेंडेकोधारदारढंगसेआगेबढ़ायाऔरपूरीस्पष्टतासेविपक्षकेहमलोंकोकुंदकिया।उन्होंनेमोदीसरकारकेपहलेकार्यकालमेंपार्टीसंगठनकोमजबूतकरनेपरध्यानकेंद्रितकिया,इसकेबावजूदइसबातकोलेकरकोईसंदेहनहींरहाकिसंगठनमेंमोदीकेबादनंबरदोकौनहै।बहरहाल,अगलेवर्षभाजपामेंसंगठनकेस्तरपरबदलावहोनेकीउम्मीदहैजहांशाहकेबादकार्यकारीअध्यक्षजेपीनड्डापार्टीअध्यक्षबनसकतेहैं।इसकेसाथहीपार्टीसंगठनमेंनयेचेहरोंकोस्थानमिलनेकीउम्मीदहै।चुनावकेसंदर्भमेंभाजपाकेसमक्षदिल्लीऔरबिहारविधानसभाचुनावतात्कालिकचुनौतीलेकरआएंगे।दिल्लीमेंअरविंदकेजरीवालकेनेतृत्ववालीआपने2015केचुनावमें70मेंसे67सीटेंजीतकरबहुमतकेसाथसरकारबनाईथी,जबकिभाजपाकोसिर्फतीनसीटोंसेसंतोषकरनापड़ाथा।भाजपानेतादिल्लीकीसत्तामेंवापसीकेलिएकड़ीमेहनतकररहेहैं,लेकिनउनकेपासकेजरीवालकेमुकाबलेकेलिएचेहरेकाअभावहै।केजरीवालअपनीलोकलुभावनयोजनाओंकेबलपरसत्तामेंवापसीकीआसलगाएहुएहैं।बिहारमेंजदयूकेनीतीशकुमारकेनेतृत्वमेंभाजपा,लोजपागठबंधनकीसरकारहै।कईप्रेक्षकोंकामाननाहैकियहगठबंधनअच्छीस्थितिमेंहै,जिसनेलोकसभाचुनावोंमेंएकसीटकोछोड़करसभीपरजीतदर्जकीथी।ऐसाभीकहाजारहाहैकिकुमारऔरभाजपाकेबीचतालमेलएकदमठीकनहींहै,औरसीटोंकेबंटवारेकोलेकरमतभेदउभरसकतेहैं।हालांकिसंबंधोंकोपटरीपरलानेकेलिएशाहनेकहाहैकिकुमारएकबारफिरविधानसभाचुनावमेंएनडीएकानेतृत्वकरेंगे।