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अब ग्रामीण महिलाएं संभालेंगी वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी

कैमूर।महिलाओंकोआत्मनिर्भरबनानेकेलिएएकतरफजहांसरकारप्रयासरतहैवहींदूसरीतरफसरकारकेइसउद्देश्यकोपूर्णकरनेमेंबैंकभीपीछेनहींहटरहेहैं।जिसकानतीजाहैकिआजग्रामीणक्षेत्रकीमहिलाएंभीरोजगारपरकबनकरआत्मनिर्भरबनरहीहै।जिलेमेंमध्यबिहारग्रामीणबैंककेद्वारासरकारकेइसउद्देश्यकीपूर्तिकेलिएगांवोंमेंबालसखीकेंद्रचलाएगएहैं।जहांबालसखीकेरूपमेंग्रामीणमहिलाकाचयनकरवित्तीयप्रबंधनकीजिम्मेदारीदीगईहै।केंद्रपरचयनितबालसखीसप्ताहकेसभीकार्यदिवसकेअलावाअवकाशकेदिनभीउपभोक्ताओंकेकार्यकोनिपटाएंगी।

कहांहैकेंद्रसंचालितऔरकहांखोलनेकीचलरहीप्रक्रिया-

जिलेकेविभिन्नप्रखंडोंमेंअबतकतीनबालसखीकेंद्रसंचालितहैं।इसकेअलावाअभीचारकेंद्रोंकोखोलनेकीप्रक्रियाचलरहीहै।जहांकेंद्रचलरहेंहैंउनमेंरूपपुर,रूद्रवारकलावसबारशामिलहैं।वहींजैतपुरकला,शिवरामपुर,फकराबादवछांवमेंकेंद्रखोलनेकीप्रकियाचलरहीहै।जिसेशीघ्रहीखोलनेकीबातबैंककेपदाधिकारीनेबताई।

केंद्रपरक्या-क्याहोताहैकार्य-

केंद्रपरबालसखीकेरूपमेंचयनितमहिलाद्वाराउपभोक्ताओंसेजमा,निकासी,एईपीएस,फंडट्रांसफर,खाताखोलनाआदिकार्यकिएजातेहैं।इसकेअलावाकेंद्रपरचयनितबालसखीपीएमजेजेबीवाई,पीएमएसबीवाईऔरएपीवाईआदियोजनाओंकेकार्यकोभीनिपटातीहै।

हरकार्यकेलिएमिलतीहैअलग-अलगराशि-

बालसखीद्वाराकिएजारहेप्रत्येककार्यकेलिएअलग-अलगराशिदीजातीहै।जिसमेंएकलाखतकट्रांजेक्शनकरनेपरचारसौरुपएकमीशन,खाताखोलनेपर20रुपएकमीशनदियाजाताहै।वहींरिकवरीकाकार्यकरनेपरदसप्रतिशतकीराशिउन्हेंदीजातीहै।

ला¨गगपरहोताहैकार्य-

इससंबंधमेंजानकारीदेतेहुएनिरंजनकुमारवित्तीयसमावेशनअधिकारीक्षेत्रीयकार्यालयभभुआनेबतायाकिबालसखीकेंद्रपरमहिलाओंकोसिस्टमदियागयाहै।जिसकाएकला¨गगहोताहै।जोअवकाशकेदिनोंमेंभीकार्यकरताहै।इसलिएग्रामीणक्षेत्रकेउपभोक्ताओंकोअवकाशकेदिनोंमेंयदिजमानिकासीयाअन्यकार्यकरनेकीजरूरतहोतोवेकेंद्रपरअपनाकार्यकरासकतेहैं।उन्होंनेबतायाकिजिलेमेंसीडॉटद्वारा36केंद्रखोलनेकालक्ष्यनिर्धारितहै।जिसमें29बैंकमित्रवसातबालसखीकेंद्रहै।बालसखीकेंद्रपरमहिलाओंकाहीचयनकरनाहै।जिलेमेंचारबालसखीकेंद्रखोलनेकीप्रक्रियाचलरहीहै।तीनकेंद्रसंचालितहैं।