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75 हजार एमटी लक्ष्य, खरीद हुई 21 हजार

मधेपुरा।सरकारीक्रयकेंद्रोंपरधानक्रयशुरूहुएकरीबडेढ़माहहोचुकाहै।लेकिनअबतकसिर्फ28.30फीसदीहीधानकीखरीदक्रयकेंद्रोंपरकिसानोंसेहोसकीहै।ऐसेमेंक्रयकीधीमीरफ्तारकोदेखतेहुएकिसानखुलेबाजारमेंकमकीमतपरकिसानोंकोअपनाधानबेचरहेहैं।धानखरीदकीधीमीगतिकोलेकरक्रयकेंद्रकेसंचालकोंकाकहनाहैकिकैशक्रेडिटकमहोनेकेकारणधानकाक्रयप्रभावितहोरहाहै।मालूमहोकिजिलेमें136क्रयकेंद्रोंपरधानकीखरीदहोरहीहै।अबतक3294किसानोंसे21हजार227एमटीधानकीखरीदकीगईहै।धानक्रयकीधीमीरफ्तारकोदेखतेहुएलक्ष्यपूराहोनेपरसंशयकीस्थितिबनीहुईहै।इधरकिसानोंकाकहनाहैप्रत्येकवर्षसहकारिताविभागऔरक्रयकेंद्रकेसंचालकोंकेमिलीभगतकेकारणयहीस्थितिउत्पन्नहोतीहै।बादमेंबिचौलियोंकाधानलेकरकागजीखानापूर्तिकरआंकड़ोंबाजीगरीविभागकीओरसेदिखायाजाताहै।

क्रयकेंद्रकेपेंचसेपीछेभागरहेकिसानक्रयकेंद्रसंचालकोंकेद्वाराकईतरहकेतकनीकीपेंचखड़ाकिएजानेकीवजहसेअबकिसानोंकीदिलचस्पीसरकारीक्रयकेंद्रपरधानबेचनेमेंनहींदिखरहीहै।किसानोंकाकहनाहैकिसरकारकेद्वारातयकिएगएसमयपरजिलेमेंक्रयकेंद्रकासंचालननहीं।क्रयकेंद्रकेसंचालनमेंकाफीदेरकीगई।इसवजहसेकिसानअपनाधानकमकीमतपरबाजारमेंबेचचुकेहैं।जिनकिसानोंकेपासधानबचाभीहुआहै,वेभीक्रयकेंद्रपरजानेसेपीछेहटनेलगेहैं।किसानोंकाकहनाहैकिसमयपरकभीधानलियाजाताहै।किसानसुधीरकुमारनेबतायाकिवास्तविककिसानोंकासाराधानतोबाजारमेंबिकचुकाहै।अबकिसकाधानखरीदकरआंकड़ोंकाखेलसहकारिताविभागकेद्वाराकियाजारहाहै।तयसमयपरनहींहोताभुगतानक्रयकेंद्रोंपरधानबचनेकेबादकिसानोंकाभुगतान36से48घंटेकेअंदरक्रयकेंद्रकेसंचालकोंकेद्वाराकियाजानाहै।लेकिनइसमेंकाफीदेरहोतीहै।जानकारीकेअनुसारअभीतकजिलेमें3294किसानोंकाधानक्रयकेंद्रपरलियागयाहै।वहींभुगतानसिर्फ2672किसानोंकोकियागयाहै।कोटकिसानोंकेसमयसेभुगतानकोलेकरसहकारिताविभागकाकहनाहैकिपैक्सअध्यक्षोंकोसमयसेभुगतानकरनेकानिर्देशदियागयाहै।तकनीकीकारणोंकीवजहसेइसमेंदेरहोरहीहै।जिनकिसानोंकोभुगतानलंबितहै।उनकेभुगतानकीप्रक्रियाचलरहीहै।धानक्रयकीगतिकोतेजकरनेकानिर्देशजारीकियागयाहै।सभीक्रयकेंद्रसंचालकोंकोकिसानकाधानलेनेकानिर्देशहै।वहींसरकारकेद्वारातयकिएगएसमयपरहीकिसानोंकाभुगतानहोइसपरभीविशेषनजररखीजारहीहै।-अरविदपासवान,जिलासहकारितापदाधिकारी,मधेपुरा